लॉकडाउन में रोक पर सख्ती नहीं, इसलिए और बढ़ गया है पॉलोथिन का उपयोग - News Adda India

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लॉकडाउन में रोक पर सख्ती नहीं, इसलिए और बढ़ गया है पॉलोथिन का उपयोग



- पॉलिथिन पर्यावरण को खतरा लेकिन अब कोई रोक टोक नहीं
- लॉक डाउन में नगर पालिका व अन्य प्रशासनिक अमल व्यस्त, कार्रवाई अधर में
शिवपुरी-
कोरोना संक्रमण काल में शिवपुरी नगर में पॉलीथिन का चलन दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जिससे शहर भर में फैले कचरे में सबसे अधिक तादाद पॉलीथिन की देखी जा रही है। लॉक डाउन और इसके बाद अनलॉक फेस-1 में प्रशासनिक अमला दूसरे कामों में व्यस्त है। इसके चलते अब शहर में पॉलिथिन पर्यावरण के लिए खतरा बन रही है। शहर में इस समय कूड़े-कचरों में बिखरी पड़ी पॉलीथिनों को आवारा पशु खाकर अकाल काल के गाल में समा रहे हैं। 40 माइक्रोन के नीचे की पॉलीथिनों पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद भी तय मानक से निचले स्तर की पॉलीथिन का उपयोग खुलेआम किया जा रहा है। इन दिनों बाजार में 20 से लेकर 22 माइक्रोन की अमानक पॉलीथिन उपयोग में लाई जा रही है जो पर्यावरण के लिए कहीं अधिक घातक सिद्ध हो रही है। नगर में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित स्थानीय नगर पालिका अमले ने छापामार कार्रवाई में नहीं की। इससे अमानक पॉलीथिन प्रयोग में आ रही है।
कोरोना का बहाना ऐसा कि मार्च से कोई कार्रवाई ही नहीं की-
पर्यावरण के लिए नुकसानदायक अमानक पॉलिथिन का विक्रय और इसके दुकानदारों द्वारा उपयोग पर कार्रवाई का प्रावधान है लेकिन इसके बाद भी धड़ल्ले से इसका उपयोग किया जा रहा है। शहर में मार्च में आए कोरोना संकट के बाद से अमानक पॉलिथिन को रोकने लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही कारण है कि शहर में धड़ल्ले से इसका उपयोग किया जा रहा है। शहर के धर्मशाला रोड, माधव चौक, झांसी तिराहा, पुरानी शिवपुरी में अवैध पॉलिथिन धड़ल्ले से बिक रही है।
बड़े स्तर पर खपाई जा रही है अमानक पॉलिथिन-
शिवपुरी जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचल में लगभग 1 हजार से अधिक छोटी और बड़ी दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों पर प्रतिदिन 1 हजार किलोग्राम अनुमानित पॉलीथिनों का उपयोग हो रहा है। प्रयोग में लाई जा रहीं अमानक पॉलीथिन रंगीन, बेहद पतली और खुरदरी प्रकार की हैं। होटल, किराना दुकान, कपडा दुकान, दूध डेयरी, सब्जी के ठेले, पान की गुमठियों आदि स्थानों पर अमानक पॉलीथिन में बस्तुएं थमाई जा रही हैं।

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