सीडब्ल्यूसी के पत्र के आधार पर शिवानी मर्डर केस में पॉक्सो एक्ट की धाराओं में विस्तार की तैयारी! - News Adda India

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सीडब्ल्यूसी के पत्र के आधार पर शिवानी मर्डर केस में पॉक्सो एक्ट की धाराओं में विस्तार की तैयारी!





शिवपुरी।
शिवपुरी में कुछ नशाखोरों द्वारा शिवानी शर्मा की के मर्डर के मामले में पुलिस जल्द ही पॉस्को एक्ट के तहत धाराओं का विस्तार कर सकती है। कारण यह है कि बाल कल्याण समिति द्वारा इस मामले में शिवपुरी पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है और जेजे एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप इस मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। मृतिका शिवानी शर्मा को पूर्व में कोतवाली पुलिस ने बालिग मानते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की। जबकि मृतिका शिवानी उसकी मार्कशीट के अनुसार नाबालिक है। इसलिए यहां पर जेजे एक्ट और पॉस्को एक्ट की धाराओं का विस्तार पुलिस के लिए करना होगा। अन्यथा न्यायालय में दिक्कत आ सकती है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सरकारी वकील और एडीपीओ से सलाह भी ली है। अब कुछ ही दिनों में इस मामले में धाराओं का विस्तार हो सकता है।
सीडब्ल्यूसी ने एसपी को लिखा है पत्र-
बाल कल्याण समिति ने गुरुवार को एक अहम पत्र नगर निरीक्षक को सौंपा है। जिसमें बीते रोज शहर की पॉश कॉलोनी में मिली बालिका के संबंध में उल्लेख किया है। स्मैक से हुई बालिका की मौत को लेकर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. अजय खैमरिया ने बताया कि स्मैक के ओवरडोज से मृत बालिका की आयु महज 17 वर्ष थी। यह खुलासा सरस्वती शिशु मंदिर के प्रमाणीकरण के माध्यम से होता है। सौंपे गए पत्र के साथ संलग्न स्कूल के प्रमाणीकरण में साल 2015-16 में कक्षा 7 की नियमित छात्रा के रूप में अध्ययन करने वाली मृत बालिका का जन्म 7.6.2002 को हुआ था। जिसके अनुसार वह 17 साल की है। इसलिए वह जेजे एक्ट 2015 के प्रावधानों में आती है और इस एक्ट के सेक्शन 77 व 78 बालक को मादक लिकर या स्वापक औषधि अथवा मनहप्रभावी पदार्थ देने के लिए शास्ति से संबंधित होने की स्थिति में व्यस्क आरोपितों के विरुद्ध पास्को एक्ट का प्रावधान सुनिश्चित है। इसलिए उपरोक्त प्रकरण की विवेचना संदर्भित दस्तावेज एवं जेजे एक्ट 2015 की प्रभावशीलता के आधार पर की जाए। इस पत्र में डॉक्टर खेमरिया के अलावा बालक कल्याण समिति के सदस्य सरला वर्मा, आलोक इंदौरिया, रंजित गुप्ता, अनुज दुबे के हस्ताक्षर हैं। इस मामले में एएसपी गजेंद्रसिंह कंवर का कहना है कि पुलिस को इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है जिसको संज्ञान में लिया गया है। जांच उपरांत मामले में धारा बढ़ाई जाएगी।

मुख्य आरोपित का हुआ मेडिकल परीक्षण

स्मैक हत्याकांड मामले का मुख्य आरोपित चिक्की उर्फ मयंक पुत्र धर्मेन्द्र पाठक बीते रोज कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। टीआई बादामसिंह यादव ने बताया कि गुरुवार को उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया है। यह आरोपित ग्वालियर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भी रहा। परिवार ने 50 हजार रुपए खर्च किए लेकिन वापस आने के बाद फिर से स्मैक की लत का शिकार हो गया था और इस मामले के सामने आने के बाद अब जेल चला गया है।


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