जो जांच प्रतिवेदन चुनाव आयोग को जाना था उसे डीपीओ ने दबाया! - News Adda India

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जो जांच प्रतिवेदन चुनाव आयोग को जाना था उसे डीपीओ ने दबाया!

शिवपुरी।
शिवपुरी के महिला एवं बाल विकास विभाग के ग्रामीण परियोजना अधिकारी आकाश अग्रवाल द्वारा लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान नियम विरुद्ध तरीके से किए गए महिला सुपरवाइजर हरभजन कौर के अटैचमेंट और उनसे अभद्रता के मामले में भोपाल से चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से जांच प्रतिवेदन मंगवाया था लेकिन यह जांच प्रतिवेदन महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ ओपी पांडे ने अभी तक नहीं भेजा है। चुनाव शिकायत शाखा के नोडल अधिकारी के माध्यम से यह जांच प्रतिवेदन भोपाल जाना था लेकिन शिकायत शाखा के प्रभारी नोडल अधिकारी ओपी पांडे खुद इस शाखा के इंचार्ज है और उन्होंने अपने ही विभाग की जांच प्रतिवेदन को वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं भेजा।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया है कि महिला में बाल विकास विभाग के ग्रामीण परियोजना अधिकारी आकाश अग्रवाल के खिलाफ शिकायत के बाद जिला प्रशासन को चुनाव आयोग को अपना जांच प्रतिवेदन 9 मई 2019 तक भिजवाना था लेकिन यह प्रतिवेदन अभी तक भोपाल नहीं भेजा गया है। जबकि एआरओ और शिवपुरी एसडीएम अतेंद्र गुर्जर द्वारा इस मामले में महिला सुपरवाइजर के बयान 8 मई को ही ले लिए गए हैं और अपना जांच प्रतिवेदन भी उन्होंने 9 मई को कलेक्टर ऑफिस में भिजवा दिया। इसके बाद अभी तक जांच प्रतिवेदन चुनाव आयोग भोपाल नहीं भेजा गया है। सूत्रों ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ ओपी पांडे खुद इस अटैचमेंट को लेकर कठघरे में है इसलिए जांच प्रतिवेदन भोपाल नहीं भेजा जा रहा है।
नोडल अधिकारी के नाते ओपी पांडे को भोपाल यह जांच प्रतिवेदन भेजना था लेकिन अपने  विभाग का यह जांच प्रतिवेदन दवा लिया गया है। सूत्रों ने बताया है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ अपने अधीनस्थ परियोजना अधिकारी आकाश अग्रवाल पर मेहरबानी दिखा रहे हैं इसलिए जांच प्रतिवेदन भोपाल नहीं भेजा गया।विभाग की सुपरवाइजर और शिकायतकर्ता महिला कर्मचारी हरभजन कौर ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की है और ग्रामीण परियोजना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हरभजन कौर की मांग है कि जब चुनाव आयोग ने उनके अटैचमेंट को लेकर जांच प्रतिवेदन 9 मई तक मंगाया था तो अभी तक यह जांच प्रतिवेदन भोपाल क्यों नहीं भेजा गया है।
सूत्रों ने तो यहां तक बताया है कि एसडीएम की जांच प्रतिवेदन में ग्रामीण परियोजना अधिकारी द्वारा किए गए अटैचमेंट को गलत पाया गया है और उन पर कार्रवाई के आसार हैं। इस कार्रवाई से बचने के लिए ही जांच प्रतिवेदन को भोपाल नहीं भेजा गया। इसके अलावा अटैचमेंट और अपने साथ अभद्रता किए जाने की पीड़ित महिला हरभजन कौर ने सिटी कोतवाली में भी एक शिकायत की है जिस पर उनके बयान हो गए हैं और इस मामले में कभी भी एफआईआर संबंधित परियोजना अधिकारी पर हो सकती है। गौरतलब है कि महिला सुपरवाइजर का नियम विरुद्ध सिरसोद से शिवपुरी अटैचमेंट कर दिया गया था और जब वह अपने अटैचमेंट को लेकर ग्रामीण परियोजना अधिकारी से मिलने गई तो परियोजना अधिकारी आकाश अग्रवाल ने उनसे अभद्रता की और इसी बात की पीड़ित महिला ने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की थी।



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