लोकसभा चुनाव: बिरथरे और बाथम की जुगलबंदी ने दिलाई शिवपुरी में बड़ी जीत - News Adda India

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लोकसभा चुनाव: बिरथरे और बाथम की जुगलबंदी ने दिलाई शिवपुरी में बड़ी जीत

- शिवपुरी विधानसभा में लगभग 30 हजार मतों से जीती भाजपा
- कई भाजपाईयों ने दूरी बनाई लेकिन छोटे कार्यकर्ताओं का टीम वर्क काम आया
शिवपुरी।
लोकसभा चुनाव में इस बार फिर शिवपुरी विधानसभा में बीजेपी की जबरदस्त जीत हुई करीब 30 हजार वोटों से यहां सिंधिया चुनाव हारे 2014 में भी इस विधानसभा से सिंधिया को शिकस्त झेलनी पड़ी थी तब शहर ने 18000 वोट की लीड दी थी लेकिन ग्रामीण इलाकों से सिंधिया जीत गए पर सम्मिलित रूप से उन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा था।इस बार का चुनाव पिछली बार की तरह बीजेपी ने पूरी दम से नही लड़ा हर मोर्चे पर वह कमजोर नजर आ रही थी ऐसा लगा लेकिन इस कमजोर परसेप्शन को भी पार्टी के नए प्रबन्धको ने जीत के आधार में बदल दिया पहली बार चुनाव की पूरी कमान नरेंद्र बिरथरे औऱ राजू बाथम के हाथों में रही दोनो ने अपने निजी लोगों की एक ऐसी टीम बनाई जो बिना प्रकाश में आये काम पर लगी थी।
कई पार्षदों और नेताओं ने बना ली थी दूरी-
बीजेपी के मुख्यधारा की टीम यहां पूरी तरह से गायब थी न पार्षद नजर आए न जिला नगर के पदाधिकारियों की फ़ौज दिखी यहां तक कि मतदान के दिन भी राजू बाथम औऱ बिरथरे अकेले शहर और ग्रामीण बैल्ट में जूझते रहे सभी मतदान केंद्रों पर पार्टी अपने कैडर को खड़ा नही कर पाई वार्ड 38,21,34,7,24  सहित कई जगह  तो मतदान शुरू होने से पहले नए एजेंट खड़े करने पड़े।इसके बाबजूद शहर के 85 फीसदी बूथों पर बीजेपी जबरदस्त जीत दर्ज की। विधानसभा प्रभारी राजू बाथम कहते है कि हमारा फोकस शुरू से गरीब जरूरतमंद औऱ मोदी शिवराज के हितग्राहियों पर रहा। नरेन्द्र बिरथरे ने ग्रामीण इलाकों में लोधी वोटरों को केंद्र में रखकर काम किया। नतीजा सामने है।लोकसभा प्रभारी नरेंद्र बिरथरे औऱ राजू बाथम के समन्वय का नतीजा रहा कि शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी बीजेपी को अच्छी जीत मिली यहां तक कि पूर्व विधायक गणेश गौतम, जगदीश वर्मा के गांव पिपरसमा से भी सिंधिया चुनाव हार गए। पहली बार चुनाव प्रबन्ध भी नए लोगों को दिया गया चुनावी सभाओं से लेकर मतदान केंद्रों की व्यवस्था, विधानसभा सम्मेलन, मतगणना तक के लिये छोटे कार्यकर्ताओं को सलंग्न किया गया। यह फैक्ट है कि बीजेपी के स्थानीय पदाधिकारी जो जिम्मेदार पदों पर थे वे चुनाव से बाहर रहे पर आम कार्यकर्ता और बुनियादी केडर ने जरूर मोदी के नाम पर पसीना बहाया।
मोदी के लिए इन भाजपाईयों की मेहनत रंग लाई-
मोदी के जबरदस्त अंदर करंट ने भी बीजेपी का काम आसान कर दिया। पूरे चुनाव में कामता खटीक,ओमी गुरु भरत अग्रवाल,ओमी जैन,धेर्यवर्धन, हेमन्त ओझा,मुकेश चौहान, हरिओम नरवरिया, अतुल श्रीवास्तव, गिरराज शर्मा,विमल मामा,लक्ष्मी जाटव,नीरज खटीक,संकेत शुक्ला,क्रांति गौतम,राकेश राठौर, अनिल बघेल, गणेश धाकड़,दीपेंद्र फड़नीस,रामदयाल जैन तेजमल सांखला,सौरभ बिरथरे, राजनरायन गुप्ता,दिनेश गुप्ता,राकेश जैन,जितेंद्र समाधिया,कपिल मिश्रा, यशवंत जैन,अनुराग अष्ठाना गणेश धाकड़,मदन विहारी श्रीवास्तव डॉ सतीशभार्गव , सुरेन्द्र शर्मा,गिर्राज शर्मा,राजीव जैनसंजय कुशवाह,अजय रघुवंशी,हरिओम काका,मथुरा प्रजापति, भगीरथ कुशवाह अजय गौतम, अमित भार्गब, मुकेश गोयल,सोनू कुशवाह राजू गुर्जर, ठाकुरलाल कुशवाह,नरेंद्र शर्मा,गोपाल यादव,श्याम परिहार,राधेश्याम दांगी,अतुल शुक्ला,जैसे चेहरे पूरे समय टीम मोदी में अंत तक नजर आते रहे।


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